Breath is Everything.

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Breath is Everything.

Breath is everything. It’s a thread called” koorma- naadi” that holds you and your body together. If your breath is taken away what will happen? You and your body will fall apart.
सांस ही सबकुछ है ! यह एक धागे की तरह है जिसे हम कूर्म-नाड़ी कहते हैं जो आपको और आपके शरीर को आपस में बांधकर रखती है ! यदि इस सांस को आपसे दूर कर दिया जाए तो जानते हो कि क्या होगा ? आप और आपका शरीर अलग-अलग हो जायेगा !

Breathing is prerequisite to life: we need to breathe from the moment we are born until the moment we die. Everyday an adult breathes (inhale and exhale) about 11000-15000 litres (15 cubic meter air), to the point that more air enters our body and blood than any other substance (food –we prefer organic, 2 kg approx. and water-we prefer of RO, 3 litres approx.). So air is 5500 times more important than food/water for us but, we just don’t think.
सो सांस ही जीवन की प्रथम शर्त है ! जन्म से मृत्यु तक हमें सांस की आवश्यकता होती है ! एक व्यस्क एक दिन में लगभग ११००० से १५००० लीटर सांस लेता और छोड़ता है, इसका मतलब प्रतिदिन किसी भी पदार्थ (भोजन- हम चाहते हैं जैविक ,२ किलो लगभग और जल- हम चाहते हैं RO का , ३ लीटर लगभग ) से अधिक वायु हमारे शरीर में प्रवेश करती है ! अतः वायु हमारे लिए भोजन/जल से ५५०० गुना अधिक आवश्यक है, परन्तु हम इसके बारे में विचार ही नहीं करते हैं !

Modern life in cities results in people spending approx. 90% of life indoors: at home, office, school, and restaurant. Air pollution is now the number one health challenge worldwide. According to WHO 4.3 million people a year die from the exposure to household air pollution. Indoor air quality is crucial for human health and particularly important for vulnerable groups i.e. babies, children, the elderly as well as people living with respiratory and allergic diseases. Main concerns are the impact of poor ventilation, high humidity, on house dust mites and moulds, increased airborne contaminants caused by products used around the house eg for building, furnishing and cleaning.
आधुनिक जीवन शैली में नगरों में हम ९०% समय घर, कार्यालय, पाठशाला या भोजनालय के भीतर ही व्यतीत करते हैं ! वायु प्रदुषण इस समय विश्व की सबसे बड़ी चुनौती है ! विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रतिवर्ष ४३ लाख लोगों की मृत्यु केवल घरेलु वायु प्रदुषण के कारण होती है ! घर के भीतर की वायु की गुणवत्ता सेहत के लिए अति आवश्यक है, प्रमुखतया नवजात शिशु , बच्चे , वृद्ध और सांस व प्रत्यूर्जता से पीड़ित व्यक्ति के लिए ! मुख्य रूप से खराब निकासी, अधिक नमी, धूल के कण, फफूंदी और घर में साफ़-सफाई, सामान व निर्माण कार्य के कारण वायु में दूषित पदार्थों की अधिकता चिंता का विषय है !

900 compounds HARMFUL TO HEALTH have been detected in indoor air quality: – such as:
अब तक ९०० “स्वास्थ्य के लिए हानिकारक” यौगिकों की पहचान घर के भीतर की वायु में की जा चुकी है ! जैसे:-

i) Anthropogenic pollutants: Building materials and outdoor pollutants (VOCs, NO2, CO2, PM5, and PM10).
१. मानवजनित प्रदूषक:- निर्माण कार्य का सामान व बाहरी प्रदूषक (वाष्पशील कार्बनिक योगिक , NO2 ,CO2 ,PM5 और PM10 ) !

ii) Allergens: Moulds, Pollen and biological contaminants.
२. प्रत्यूर्जतोत्पादक पदार्थ:- फफूंदी , पराग कण, और जैविक दूषित पदार्थ !

Household air pollution causes stroke, ischaemic heart disease, chronic obstructive pulmonary disease (COPD) and lung cancer. Close to half of deaths due to pneumonia
घर के भीतर का प्रदूषण आघात, स्थानिक अरक्तता सम्बन्धी ह्रदय की बीमारी , सांस नली में नाक से फेंफड़े के बीच वायु की आपूर्ति घट जाना, फेंफड़ों के कैंसर का कारण बनता है !

among children under 5 years of age are caused by particulate matter (soot) inhaled from household air pollution.
प्रतिवर्ष ५ वर्ष से काम आयु वाले बच्चों में निमोनिया से होने वाली मृत्यु की लगभग आधी मृत्यु केवल घर की प्रदूषित वायु में उपलब्ध कर्णिका तत्व (PM ) के कारण होती है !

Note: –
ध्यान दें :-
 VOCs i.e. Volatile Organic Compounds found in acrylic paints available we use are the number one culprit of all. Health effects from VOCs may cause: Irritation of the eyes and respiratory tract, headaches, dizziness, Nausea, Loss of coordination, damage to the liver, kidneys, and central nervous system and even Cancer.
VOC यानि वाष्पशील अकार्बनिक योगिक जो कि रासायनिक रंगों में मिलता है, हमारा सबसे बड़ा शत्रु है ! इससे आपके स्वास्थ्य को जो नुकसान होता है वो इस प्रकार है: सांस नली व आँखों में जलन, सिरदर्द, सिर चकराना, जी मिचलाना, समन्वय की हानि, यकृत, गुर्दे व केंद्रीय स्नायु तंत्र की क्षति और कैंसर !

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